हज़ारों बेटियों को उजड़ने से बचाने वाली सुधा को बेटी से दूर क़ैद में कैसा लगता होगा…- विमल

बहुत दिनों बाद सुधा भारद्वाज जी के घर गया. फिलहाल फरीदाबाद स्थित उनके फ्लैट में उनकी बेटी रहती है. दो कमरों की छोटे से फ्लैट में घुसते ही सामने किताबों की अलमारी पर हाथ का बना सुधा जी का चेहरा नजर आया. मायशा ने बताया कि यह नानी है. कितना मिलता है मां-बेटी का चेहरा. उसकी …

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क्या भारत कट्टरता के मामले में पाकिस्तान बनने की राह पर है? – कृष्ण प्रताप सिंह

पाकिस्तान की लोकप्रिय कवयित्री फ़हमीदा रियाज़ की एक बहुपठित पुरानी कविता की पंक्तियां हैं: तुम बिल्कुल हम जैसे निकले, अब तक कहां छुपे थे भाई. वो मूरखता वो घामड़पन, जिसमें हमने सदी गंवाई, आख़िर पहुंची द्वार तुम्हारे… पिछले दिनों भारत और पाकिस्तान से दो ऐसी खबरें आईं, जिनसे एक बार फिर यह सवाल पूछा जाने लगा कि …

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‘टू मच डेमोक्रेसी’ में जनता कहां है – कृष्ण प्रताप सिंह

अगर आप भी उन करोड़ों देशवासियों में शामिल हैं, जिन्हें लगता है कि देश का लोकतंत्र उसके सत्ताधीशों की बुरी नजर का शिकार है और इस कारण लगातार हाशिये में जा रहा है तो आपके लिए एक इससे भी बुरी खबर है. यह कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा योजना आयोग की जगह बनाए गए नीति …

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आंदोलनकारी किसानों को गद्दार, खालिस्तानी बताने वाले कौन? – रवीश कुमार,

 किसान आंदोलन में आतंकवादी, खालिस्तानी, पाकिस्तानी होने के बयान अभी तक आए जा रहे हैं. इसी साल जनवरी में ठीक यही हो रहा था जब लाखों लोग नागरिकता कानून के विरोध में दिल्ली और देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे थे. बीजेपी के नेता, मंत्री, प्रवक्ता, कार्यकर्ता गोली मारने के नारे लगाने लगे …

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बिहार चुनाव : कांग्रेस से नुकसान, क्या कहता है गणित- मनोरंजन भारती

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सरकार ना बन पाने पर उसका सारा ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा जा रहा है. कांग्रेस को लेकर कहा जा रहा लिखा जा रहा है उसने महागठबंधन को नीचे की ओर खींचा है. इसलिए कांग्रेस के नजरिए से इस विधानसभा चुनाव के नतीजों का विश्लेषण करना जरूरी है. सबसे पहले …

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कैसे नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में नीतीश को निपटाने के चक्कर में तेजस्वी और चिराग को नेता बना दिया – मनीष कुमार,

भाजपा किसी सहयोगी के लिए अब भरोसे की पार्टी नहीं रही. और इसका पहला लक्ष्य अपने विरोधियों को धूल चटाने से अधिक अपने सहयोगी की राजनीतिक जमीन छीनना होता है. जनता दल यूनाइटेड से अधिक इस कटु सत्य को कोई नहीं जानता. बिहार के चुनाव परिणाम की हर जगह, हर व्यक्ति अपने तरह से विवेचना …

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तेजस्वी को ‘जंगलराज का युवराज’ कहने के पीछे मोदी की क्या मंशा है / अनंत मित्तल

महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव को ‘जंगलराज का युवराज’ बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगाह में बिहार में भाजपा एवं एनडीए के आपराधिक पृष्ठभूमि के करीब 45 फीसदी उम्मीदवार क्या गंगाजल की तरह पावन और निर्मल हैं? जाहिर है कि संविधान की शपथ लेने वाले प्रधानमंत्री उनके लिए भी जनता से वोट मांग …

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बिहार सरकार का यह काम तो वाक़ई शानदार है, वाक़ई/ रवीश कुमार

बिहार में छात्र की परीक्षा नहीं ली जाती है. परीक्षा की परीक्षा ली जाती है. छात्र सिर्फ़ फार्म भर कर छह-छह साल तमाशा देखते हैं. इस नई शिक्षा व्यवस्था के लिए नीतीश कुमार को नोबेल प्राइज़ मिलना चाहिए और सुशील मोदी को संयुक्त राष्ट्र का महासचिव बना देना चाहिए. कमाल का काम किया है दोनों …

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यूपी की गैंगरेप पीड़िता मेरे सामने जलाई गई, मैंने सब देखा- पुलिसवाले ने क्या-क्या किया?/ अरुण सिंह

“आह! वे लोग रात के अंधेरे में मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. यह संभव नहीं है.” हाथरस जाने के दौरान उस रात ये बात मैंने अपने कैमरामैन पवन कुमार के साथ कार में कही थी. कुछ ही घंटों बाद, मुझे यकीन नहीं हो रहा था, जो मैं वहां देख रहा था. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के …

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आज भी प्रासंगिक है जतिन दास की शहादत / प्रबल सरन अग्रवाल

अपने दौर के सबसे प्रसिद्ध राजनैतिक बंदी, भगत सिंह के साथी, 63 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल के बाद अपनी जान देने वाले क्रांतिकारी जतिन दास (उर्फ़ यतीन्द्रनाथ दास) की शहादत आज 91 साल बाद भी उतनी ही प्रासंगिक है। जतिन-दा ने राजनैतिक बंदियों के अधिकारों के लिए लड़ते हुए अपनी जान दी लेकिन आज …

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